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यूपीलोकल न्यूज़

बरहन पुलिस की सुस्ती पर भड़के पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी को लगाई कड़ी फटकार

आगरा। खबर प्रकाशित करने से नाराज आरोपियों द्वारा एक स्थानीय पत्रकार के साथ मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस की शुरुआती उदासीनता से आक्रोशित ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन, आगरा के पदाधिकारियों और जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पत्रकारों ने सोमवार को एकजुट होकर जिला अध्यक्ष विष्णु सिकरवार के नेतृत्व में पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

पीड़ित पत्रकार राकेश कुमार, निवासी ग्राम बास इद्रा, थाना बरहन, ने बताया कि उन्होंने हाल ही में क्षेत्र में चल रहे एक संपत्ति विवाद से जुड़ी खबर प्रकाशित की थी। इसी बात से नाराज होकर कुछ लोगों ने रंजिश मान ली और सुनियोजित तरीके से उन पर हमला कर दिया।

पीड़ित के अनुसार 12 मार्च 2026 की रात करीब 9:15 बजे वह आवलखेड़ा स्थित अपने कार्यालय से घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए विरोध करने पर बेरहमी से मारपीट की और कनपटी पर तमंचा रखकर जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान उनकी जेब फट गई और उसमें रखे करीब 2500 रुपये भी छीन लिए गए।

घटना के बाद पीड़ित पत्रकार ने पुलिस चौकी आवलखेड़ा और थाना बरहन में लिखित तहरीर दी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज पत्रकारों में रोष फैल गया और पूरे जिले से पत्रकार एकजुट होकर न्याय की मांग को लेकर आगे आए।

सोमवार को ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन, आगरा के बैनर तले जिले के विभिन्न क्षेत्रों — पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण दिशा से पहुंचे पत्रकारों ने जिला अध्यक्ष विष्णु सिकरवार के नेतृत्व में पुलिस आयुक्त से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी, पीड़ित पत्रकार को सुरक्षा उपलब्ध कराने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

शिकायत पर पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने संबंधित थाना प्रभारी को तत्काल मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए और पीड़ित को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

इस दौरान जिला अध्यक्ष विष्णु सिकरवार ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जिसका कर्तव्य सच्चाई को सामने लाना और जनहित के मुद्दों को उजागर करना है। यदि खबर प्रकाशित करने पर पत्रकारों को धमकाया या पीटा जाएगा, तो यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला माना जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि संगठन किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय सहन नहीं करेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

प्रतिनिधिमंडल में तहसील अध्यक्ष पवन शर्मा, गुड्डू चौहान, शशिकांत गुप्ता, राजेश परमार, मनोज तारोलिया, संदीप श्रीवास्तव, सुभाष निगम, रामकिशोर बघेल, मोहित सिसौदिया, विजय सोलंकी, नीलम ठाकुर, विष्णु वर्मा, मनीष बघेल, जितेंद्र कुशवाहा, विवेक कुशवाहा, सोनवीर सिंह, दीपकांत सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

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