टॉप न्यूज़देश

अंशदानी फाउंडेशन के मानद निदेशक बने डॉ. डीपी शर्मा, पर्यावरण संरक्षण अभियान को मिलेगा वैश्विक विस्तार

डॉ. डीपी शर्मा को अंशदानी फाउंडेशन का मानद निदेशक नियुक्त किया गया।

अंशदानी फाउंडेशन के मानद निदेशक बने डॉ. डीपी शर्मा, पर्यावरण संरक्षण अभियान को मिलेगा वैश्विक विस्तार

डॉ. डीपी शर्मा को अंशदानी फाउंडेशन का मानद निदेशक नियुक्त किया गया।
गोमय समिधा से निशुल्क अंतिम संस्कार कर कार्बन उत्सर्जन कम करने का अभियान।
जयपुर नगर निगम के साथ एमओयू, 11 मोक्षधाम गोद लेकर 1000 से अधिक निशुल्क अंतिम संस्कार।
अभियान को राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य।
रिपोर्ट: उत्तम दीक्षित, राजस्थान
धौलपुर। पर्यावरण संरक्षण और गौसंवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही अंशदानी फाउंडेशन ने अपने अभियान को नई दिशा देते हुए डॉ. डीपी शर्मा को फाउंडेशन का मानद निदेशक नियुक्त किया है। फाउंडेशन का उद्देश्य देश में अंतिम संस्कार के दौरान होने वाले लगभग 90 लाख टन कार्बन उत्सर्जन को नेट जीरो की दिशा में लाना है।
इसी उद्देश्य से फाउंडेशन ने नगर निगम जयपुर के साथ एमओयू कर 11 मोक्षधाम गोद लिए हैं, जहां पारंपरिक लकड़ियों के स्थान पर गोमय समिधा से निशुल्क अंतिम संस्कार की व्यवस्था शुरू की गई है। इस पहल के तहत अब तक 1000 से अधिक निशुल्क अंतिम संस्कार संपन्न कराए जा चुके हैं और यह अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है।
फाउंडेशन विभिन्न समाजों और संगठनों को भी इस मुहिम से जोड़ रहा है। नगर निगम के सहयोग से 20 वर्षों की लीज पर मोक्षधामों का संचालन और जीर्णोद्धार कराया जा रहा है, ताकि पर्यावरण-अनुकूल अंतिम संस्कार की व्यवस्था स्थायी रूप से संचालित हो सके।
फाउंडेशन की निदेशक कविता खंडेलवाल और सपना मुकीम ने बताया कि डॉ. डीपी शर्मा संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के लीड ऑथर एवं डिजिटल डिप्लोमेट होने के साथ-साथ स्वच्छ भारत अभियान के ब्रांड एंबेसडर भी हैं। उनका फाउंडेशन से जुड़ना इस पर्यावरणीय अभियान को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय मोटिवेशनल एवं मैनेजमेंट गुरु तथा गौमाया के चीफ एडवाइजर डॉ. पीएम भारद्वाज, जो भारत सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के चार उपक्रमों के पूर्व एमडी/सीएमडी रह चुके हैं, तथा प्रख्यात समाजसेवी एवं फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. सीताराम गुप्ता भी उपस्थित रहे।
यह पहल पर्यावरण संरक्षण, गौसंवर्धन और हरित अंतिम संस्कार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!