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यूजीसी एक्ट 2026 के विरोध में सवर्ण समाज का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी

राष्ट्रपति के नाम खून से लिखा पत्र, केंद्र सरकार से कानून वापस लेने की मांग

यूजीसी एक्ट 2026 के विरोध में सवर्ण समाज का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी

राष्ट्रपति के नाम खून से लिखा पत्र, केंद्र सरकार से कानून वापस लेने की मांग

आगरा। यूजीसी एक्ट 2026 के विरोध में सवर्ण समाज द्वारा कुबेरपुर, आगरा में शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने में बड़ी संख्या में समाज के लोगों और युवाओं ने भाग लेकर प्रस्तावित कानून को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

धरने के दौरान सिस्टम सुधार संगठन (किसान) यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंशुमन ठाकुर, एम.एस. ठाकुर, नागेन्द्र उपाध्याय, किंग स्टार, सूर्या ठाकुर सहित युवाओं ने विरोध के अनोखे तरीके के रूप में महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम खून से पत्र लिखकर यूजीसी एक्ट 2026 को रद्द करने की मांग उठाई।

आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रस्तावित यूजीसी एक्ट 2026 सवर्ण छात्रों और युवाओं के हितों के विरुद्ध है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि यदि कानून लागू हुआ तो विश्वविद्यालयों में सवर्ण विद्यार्थियों के साथ भेदभाव और दुर्व्यवहार की स्थिति उत्पन्न हो सकती है तथा उन्हें न्याय मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि इन दावों पर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख आंदोलनकारियों ने नहीं किया।

धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि यूजीसी एक्ट 2026 को तत्काल वापस लिया जाए और प्रस्तावित कानून को रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।

आंदोलनकारियों ने कहा कि 6 सितंबर 2026 से कुबेरपुर, आगरा में शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना लगातार जारी रहेगा। धरना स्थल पर युवाओं ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।

इस दौरान वर्षा पंडित, प्रवीन सिकरवार, गनेश सिकरवार, मंगल चौहान, बंटी सिकरवार, नत्थू काका, बंटू शर्मा, ऋषि चौहान, हुकुम सिंह चौहान, मनवीर सिकरवार, विजेंद्र सिकरवार, टिंकू पुंडीर, कान्हा ठाकुर, अंकुश सिकरवार, देवेंद्र त्यागी, उपेंद्र सिंह, अजय ठाकुर, नरेंद्र चौधरी, दिनेश परमार, सोनू धाकरे, अभिषेक चौहान सहित बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग एवं युवा मौजूद रहे।

आंदोलनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार और संबंधित संवैधानिक संस्थाओं तक पहुंचाना है। धरने के दूसरे दिन भी लोगों में आक्रोश और एकजुटता देखने को मिली।

संवाददाता — विवेक कुशवाहा

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