आगरा में राशन वितरण में घोटाला
तारा वती दुकान पर राशन के लिए अंगूठा लगवा लिया जाता है फिर कार्ड धारक लगते रहते हैं राशन के लिए चक्कर
बोदला सेक्टर-1 में राशन वितरण को लेकर गंभीर आरोप, कार्डधारकों ने लगाया घटतौली का आरोप
आगरा। बोदला क्षेत्र के सेक्टर-1 में राशन वितरण को लेकर कार्डधारकों की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि तारावती नाम से संचालित राशन की दुकान पर राशन वितरण में निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है। कार्डधारकों के मुताबिक दुकान का संचालन प्रांशु नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है।
कार्डधारकों का कहना है कि सरकार की व्यवस्था के अनुसार प्रति यूनिट निर्धारित मात्रा में गेहूं और चावल मिलना चाहिए, लेकिन आरोप है कि कई बार उन्हें चार से साढ़े चार किलो के आसपास ही राशन दिया जाता है। कुछ कार्डधारकों का यह भी आरोप है कि कभी सिर्फ गेहूं तो कभी सिर्फ चावल देकर बाकी राशन बाद में देने की बात कही जाती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार कार्डधारकों से पहले ही अंगूठा लगवा लिया जाता है, लेकिन राशन लेने के लिए उन्हें कई दिनों तक दुकान के चक्कर लगाने पड़ते हैं। आरोप है कि जब कार्डधारक चावल की मांग करते हैं तो उन्हें कथित तौर पर यह कहकर टाल दिया जाता है कि “चावल अभी आया नहीं है।”
🛑 ₹100 के सामान को लेकर भी उठे सवाल
कार्डधारकों की ओर से एक और गंभीर आरोप लगाया गया है। उनका कहना है कि राशन के साथ करीब ₹100 के सामान, जिसमें साबुन, कपड़े धोने का सामान, नमक-मिर्च और अन्य सामग्री शामिल होने की बात कही जा रही है, लेने के लिए दबाव बनाया जाता है।
आरोप है कि यदि कोई कार्डधारक यह सामान नहीं लेता है तो उससे कथित तौर पर ₹20 अतिरिक्त लिए जाते हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
❓ अब बड़ा सवाल
क्या राशन दुकान पर वास्तव में निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है?
क्या कार्डधारकों से बिना राशन दिए पहले ही ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाया जा रहा है?
क्या राशन के साथ अतिरिक्त सामान लेने या उसके बदले पैसे वसूलने की कोई वैध व्यवस्था है?
इन तमाम सवालों पर अब पूर्ति विभाग और संबंधित अधिकारियों की जांच जरूरी है। यदि कार्डधारकों के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित राशन विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की
जानी चाहिए।



