आगरा में आस्था का अनोखा केंद्र, जहां माता के दरबार में उमड़ रही है भक्तों की भीड़।


आगरा की ग्राम पंचायत पोईया के नगला चन्द में स्थित राज राजेश्वरी मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना से जुड़ी एक अनोखी कथा है।
ग्रामीणों का कहना है कि केला देवी माता का स्वरूप टेड़ी बगिया, कालिंदी विहार क्षेत्र में प्रकट हुआ था। लेकिन वहां पर्याप्त स्थान न होने के कारण माता के परम भक्त उन्हें अपने हाथों पर उठाकर, घुटनों के बल लगभग 3 से 4 किलोमीटर की कठिन यात्रा तय करते हुए नगला चन्द लेकर आए। इसके बाद यहां माता की स्थापना की गई।
आज यही मंदिर राज राजेश्वरी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी आस्था लेकर पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में प्रतिदिन भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहता है।
मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि जो भी सच्चे मन से माता के दरबार में अपनी मनोकामना लेकर आता है, माता उसकी हर इच्छा पूरी करती हैं। यही विश्वास हर दिन बड़ी संख्या में भक्तों को यहां खींच लाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को माता का विशेष दरबार लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
आगरा से संवादाता शिवम कुमार




