
आगरा:अंतरराष्ट्रीय कविता दिवस के अवसर पर मां चावल्दे मेला महोत्सव के तहत चावली मेले के प्रथम दिवस पर भव्य महा कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से पांडाल में मौजूद श्रोताओं को देर रात तक मंत्रमुग्ध कर दिया।
कवि सम्मेलन में मुख्य रूप से डॉ. अरुण उपाध्याय (संस्थापक/अध्यक्ष, श्री अक्षरा साहित्यिक संस्था) ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। वहीं धर्मेंद्र शर्मा ‘राधे-राधे’ (एत्मादपुर) ने भी अपनी रचनाओं से खूब वाहवाही बटोरी।
कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ हास्य कवि सतीश मधुप (घिरोर, मैनपुरी) ने अपने खास अंदाज में किया। सुप्रसिद्ध कवित्री निभा चौधरी (भरतपुर, राजस्थान) ने अपनी प्रभावशाली कविताओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
इसके अलावा मृदुल माधव पाराशर (बृजभाषा कवि), प्रमोद विषधर (हास्य कवि, सिकंदरा राऊ), ईशान देव (राष्ट्रीय वीर रस कवि, आगरा) और एलेश अवस्थी (फिरोजाबाद) सहित अन्य कवियों ने भी शानदार प्रस्तुतियां दीं।
ओज, हास्य और बृजभाषा से सजी कविताओं पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं और कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग और साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।




