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आगरा की प्रथम ट्रांसजेंडर शिवन्या स्वामी को मिला आधिकारिक प्रमाण पत्र
, छलका गर्व और आत्मसम्मानउत्तर प्रदेश के आगरा शहर से एक प्रेरणादायक और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। शहर की प्रथम ट्रांसजेंडर के रूप में पहचान रखने वाली शिवन्या स्वामी को ट्रांसजेंडर होने का आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। यह प्रमाण पत्र उनके लिए सिर्फ एक सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि संघर्ष, सम्मान और अधिकारों की जीत का प्रतीक है।
प्रमाण पत्र मिलने के बाद शिवन्या स्वामी ने मीडिया के माध्यम से नगर निगम आगरा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कदम ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए समाज में बराबरी और पहचान दिलाने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है।
13 साल की उम्र से शुरू हुआ संघर्ष
शिवन्या ने बताया कि जब वह 13 साल की थीं, तब परिवार और समाज को उनके ट्रांसजेंडर होने की जानकारी हुई। इसके बाद लोगों का नजरिया बदल गया। उन्हें तानों, भेदभाव और कई तरह की सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लेकिन तमाम चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
आज वही शिवन्या स्वामी अपने अस्तित्व पर गर्व महसूस कर रही हैं। उनका कहना है कि यह प्रमाण पत्र उनके आत्मसम्मान और पहचान की आधिकारिक मुहर है।
मॉडल और डांसर के रूप में बनाई अलग पहचान
शिवन्या सिर्फ ट्रांसजेंडर समुदाय का प्रतिनिधित्व ही नहीं करतीं, बल्कि वह एक प्रतिभाशाली मॉडल और डांसर भी हैं। अपने हुनर के दम पर उन्होंने समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है।
उनकी यह उपलब्धि उन तमाम लोगों के लिए प्रेरणा है जो पहचान और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं। आगरा में यह पहल सामाजिक बदलाव की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
यह कहानी बताती है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।
बातचीत के लिए उन्होंने
आजकल इंडिया न्यूज़ का आभार व्यक्त किया




