ट्रांसपोर्ट नगर खंदारी से वाटर बॉक्स और रामबाग तक हाईवे जाम
एम्बुलेंस और सांसद की गाड़ी फंसी, प्रशासन पर उठे सवाल

🚨 ट्रांसपोर्ट नगर खंदारी से वाटर बॉक्स और रामबाग तक हाईवे जाम
🚑 एम्बुलेंस और सांसद की गाड़ी फंसी, प्रशासन पर उठे सवाल
खबर – राजीव ठाकुर, आगरा
उत्तर प्रदेश के आगरा में ट्रैफिक व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ट्रांसपोर्ट नगर खंदारी से लेकर वाटर बॉक्स और रामबाग तक पूरा हाईवे घंटों जाम में जकड़ा रहा। हालात इतने बदतर हो गए कि जाम में एंबुलेंस तक फंस गई, वहीं क्षेत्रीय सांसद महोदय का काफिला भी यातायात में अटक गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। भारी वाहनों, ट्रकों और रोडवेज बसों की वजह से स्थिति और बिगड़ती चली गई। देखते ही देखते पूरा मार्ग ठप हो गया। कई लोग अपने जरूरी कामों पर नहीं पहुंच सके, स्कूली बच्चे बसों में फंसे रहे और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई।
🚑 एंबुलेंस फंसी तो बढ़ी चिंता
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि एक एंबुलेंस जाम में काफी देर तक फंसी रही। आसपास के लोगों ने रास्ता देने की कोशिश की, लेकिन संकरी सड़क और अव्यवस्थित ट्रैफिक के कारण राहत नहीं मिल सकी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
🚗 सांसद की गाड़ी भी जाम में
जाम की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्षेत्रीय सांसद की गाड़ी भी इस जाम में फंस गई। इसके बाद प्रशासनिक अमले में हलचल जरूर दिखी, लेकिन तब तक सैकड़ों वाहन घंटों से जाम की मार झेल रहे थे।
🛑 क्यों लगता है बार-बार जाम?
ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में भारी वाहनों का दबाव
सड़क किनारे अवैध पार्किंग
ट्रैफिक पुलिस की कमी
निर्माण कार्य और डायवर्जन की अव्यवस्था
पीक ऑवर में अतिरिक्त प्रबंधन का अभाव
स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों का कहना है कि आगरा को अब “जाम नगर” कहना गलत नहीं होगा। रोजाना जाम से लोग परेशान हैं, लेकिन स्थायी समाधान नजर नहीं आता।
🗣️ जनता की मांग
लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि:
ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में भारी वाहनों के लिए अलग रूट तय किया जाए।
ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए।
अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई हो।
हाईवे पर स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाए।
जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक आगरा की सड़कों पर “जाम” ही पहचान बनता जा रहा है।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस बड़ी समस्या का स्थायी समाधान निकालता है या फिर आगरा की जनता यूं ही जाम की मार झेलती रहेगी।




